रविवार, 4 अप्रैल 2021

गीता बाली की कहानी

 अभिनेत्री 'गीता बाली 'की पुण्यतिथि पर विशेष .. ..........................................................................................  

हिन्दी फिल्मो की खूबसूरत अभिनेत्री गीता बाली का वास्तविक नाम 'हरकीर्तन कौर' था और वो उन्होंने हिंदी फ़िल्मी में बतौर बाल कलाकार अपने कॅरियर की शुरुआत की और शिखर पर जा पहुंची एक सिख परिवार में जन्म लेने के कारण गीता बाली की इच्छा थी कि वो अपनी मातृभाषा पंजाबी में भी एक फिल्म करें  आज हम गीता बाली की ऐसी फिल्म की बात कर रहे है जो उनकी असमय मौत के वक्त बन रही और अधूरी रह गई और इसके साथ ही गीता बाली का अपनी मातृभाषा पंजाबी में फिल्म करने का सपना भी अधूरा रह गया ...राजिंदर सिंह बेदी जिनके उपन्यास पर फिल्म बन रही थी वह फिल्म  का निर्देशन भी कर रहे थे और निर्माता भी थे ,खुद गीता बाली का पैसा भी फिल्म में लगा था ,गीता बाली की असामयिक मौत से आहत राजेंदर बेदी ने इस परियोजना को हमेशा के लिए छोड़ दिया..... कई लोगो ने उन्हें कहा की ...''वो किसी अन्य हीरोइन को लेकर फिल्म पूरी कर ले ऐसा कर वो आर्थिक नुकसान से भी बच जायेगे '' लेकिन राजिंदर सिंह बेदी ने फिल्म को गीता बाली के बिना बनाने से मना कर उन्होंने .....अपने उपन्यास, 'इक चादर मैली सी ' को गीता बाली के अंतिम संस्कार के वक्त चिता पर रख राजेन्दर सिंह बेदी ने सबको ये बता भी दिया की गीता बाली के चले जाने के बाद अब उनकी फिल्म ' राणो कभी नहीं बनेगी और ऐसा हुआ भी ... अगर ये फिल्म बन जाती तो पंजाबी सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित होती।

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GEETA BALI 

Died: 21 January 1965

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https://suhaniyadain2020.blogspot.com/2019/10/blog-post.html 


पवन मेहरा

 #ब्लॉग_सुहानी_यादें_बीते_सुनहरे_दौर_की ✍️

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