रविवार, 4 अप्रैल 2021

गुमनाम ही रह गयी मीना कपूर

मीना कपूर जब स्कूल में पढ़ती थी, तभी लाखों दिलों पर राजर करने लगी लेकिन अपने आखिरी वक्त गुमनामी में जीवन जीने को बाध्य थीं,सुपरहिट गीतों की गायिका मीना कपूर का कोलकाता में 23 नबम्बर 2017 को निधन हुआ था।

 


बॉलीवुड में छोटे से करियर में ही उन्होंने 125 गाने गाएं जिनमें से कई हिट रहे। आना मेरी जान संडे के संडे और रसिया रे मन बसिया रे ‘रसिया रे मन बसिया रे, ( परदेसी, 1957), ‘एक धरती है एक ही गांव ‘(अधिकार, 1954) और ‘कुछ और जमाना कहता है’ ( छोटी छोटी बातें, 1965) आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर है।

मीना कपूर जब स्कूल में थीं, तभी संगीतकार नीनू मजूमदार ने उनकी गायिकी के टैलेंट को पहचान लिया था। उन्होंने फिल्म ‘पुल’ के लिए अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया. पर ‘आठ दिन’ (1946) में गाया गया। उनका गाना पहले रिलीज हुआ

फिल्म इंडस्ट्री में मीना कपूर और गीता दत्त की दोस्ती के किस्से हैं। इन दोनों लोकप्रिय गायिकाओं की मुलाकात 1952 में हुई जब दोनों ने ‘घायल’ के लिए डूएट गाना रिकॉर्ड किया।  गीता दत्त को मीना कपूर की आवाज ने प्रभावित किया। रिहर्सल के दौरान ही दोनों की दोस्ती हो गई। मीना कपूर ने संगीतकार अनिल बिश्वास से 1959 में शादी की थी। इन दोनों के कोई बच्चे नहीं थे, लेकिन पहली शादी से अनिल के चार बच्चे थे। 1963 में पति की नौकरी ऑल इंडिया रेडियो में लग गई जिसके बाद वह उनके साथ दिल्ली चली गईं। 2003 में पति की मौत के बाद वह कोलकाता शिफ्ट हो गईं थी । मीना कपूर पिछले कुछ सालों से बीमार चल रही थीं। उनको लकवा मार गया था। 2017 में उनके निधन की पुष्टि बेटी शिखा वोरा ने की थी । उन्होंने बताया कि हमें मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वह पिछले कई सालों से लकवा से जूझ रही थीं। जब से वह कोलकाता में रहने लगी थीं, वह हमारे संपर्क में नहीं थीं।  इसलिए हमें उनकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी । यह कहना था उनकी बेटी का

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