गुरुवार, 25 अगस्त 2016

रंगीला हैरतनाक भारत



The best remedy for skin rejuvenation! 15 years off the face in 7 daysThe best remedy for skin rejuvenation! 15 years off the face in 7 daysOrganic face cream. Rids you of baggy eyes after just one use!Organic face cream. Rids you of baggy eyes after just one use!I proved that such muscles on arms can be build in just a month! Don"t miss!I proved that such muscles on arms can be build in just a month! Don"t miss!THIS simple product smooths terrible wrinkles around your mouthTHIS simple product smoot

कड़ी सजा




अपराधियों को दी जाने वाली दुनिया की 10 सबसे भयानक सजाएं

Top 10 Most Extreme Punishment : समाज में सदियों से ये परंपरा चली आ रही है कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे सजा मिलेगी। दुनियाभर के अलग-अलग देशों में अपराध करने पर विभिन्न तरीके की सजा देने का प्रावधान है। दुनिया में कुछ देश तो ऐसे भी जहां अपराध करने पर ऐसी सजा दी जाती है कि देखने वालों की रूह कांप उठती है।
 Top 10, Torture, Punishment,  Methods, Techniques, Brutal, History, World, in Hindi,
आज भी संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, सऊदी अरब और ईरान जैसे देशों में मौत की सजा विभिन्न रूपों में दी जाती है। लेकिन कुछ देशों में ऐसी क्रूर सजा दी जाती है जो मौत से भी बदतर होती है। आज इस लेख में हम आपको दस ऐसी ही सज़ाओं के बारे में बताएँगे।
1. सिर काटना (Beheading)Beheading
सजाः अपराधी का सिर कलम करना।
देशः इंग्लैंड, साउदी अरब
फैक्टः सजा का यह तरीका विभिन्न देशों में सदियों से चल रहा है।  15 अक्टूबर 2014 को यहां टोना-टोटका सहित अन्य अपराध करने पर 59 लोगों के सिर कलम कर दिए गए थे। विशव इतिहास में यह सजा पाने वाली सबसे प्रमुख अभियुक्त स्कॉटलैंड की रानी “मैरी” थी, जिसे 16  शताब्दी मे इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मौत का षड्यंत्र रचने के जुर्म में यह सजा दी गई थी।  हालांकि वर्तमान में यह सजा कानूनी तौर पर साउदी अरब में दी ही जाती है।
loading...
2. फायरिंग दस्ते (Firing Squad)Firing Squad
सजाः अपने ही सैनिकों को गोली मार देना
देशः ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी
फैक्टः यह सजा दूसरे विशव युद्ध के समय ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अपने ही सैनिकों को दी थी। दूसरे विशवयुद्ध के समय जो सैनिक लड़ने के इच्छुक नहीं होते थे उन्हें यह सजा दी जाती थी। ताकि बाकी सैनिक ऐसा सोचने की जुर्रत भी न करे। सजा पाए सैनिको को एक कतार में खड़ा करके गोलियों से भून दिया जाता था। केवल इंग्लैंड ने ही अपने 300 सैनिकों को ऐसी सजा दी थी।
3. अपराधी को जलाना (Burned At The Stake)Burned At The Stake
सजाः जिंदा जला देना
देशः इंग्लैंड
फैक्टः मध्यकाल में पुरुषों और महिलाओं को राजद्रोह करने पर जला दिया जाता था। अंग्रेजों द्वारा 1431 में कई जानी-मानी हस्तियों को ये सजा दी गई थी। वहीं 1600 में इतालवी वैज्ञानिक और दार्शनिक जिओरडनो ब्रूनो को भी जिंदा जलाने की सजा दी गई थी क्योंकि कैथोलिक चर्च को यह भय था की उनका यह सिद्धांत की पृथ्वी की जगह सूर्य, ब्रह्मांड का केंद्र है तेज़ी से सर्वमान्य होता जा रहा है।
4. उबालना (Boiling)Boiling
सजाः उबलते पानी, तेल में डालना।
देशः इंग्लैंड
फैक्टः खाने में जहर मिलाने पर ये सजा दी जाती है।  आठवें हेनरी के कार्यकाल में 1500  लोगों को खाने में जहर मिलाने के आरोप में यह सजा दी गई थी। 1542 में मार्गरेट डेवी नाम की नौकरानी को मालकिन के खाने में जहर मिलाने के कारण सजा के तौर पर खौलते पानी में उबाला गया था। हालांकि ये कानून 1547 में रद्द कर दिया गया था।
5. गर्दन से लटकाना और काटना (Hung Drawn & Quartered)Hung Drawn & Quartered
सजाः राजद्रोह करने पर लटकाना
देशः इंग्लैंड
फैक्टः ये सजा भी राजद्रोह के आरोप में दी जाती थी। सजा के तौर पर आरोपी को गर्दन से लटकाया या घोड़ों से घसीटा जाता है। अपराधी के शरीर को मरने से पहले चार हिस्सों में काट दिया जाता है। शरीर के टुकड़ों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है, ताकि आगे कोई भी इस तरह का अपराध न करें। इस तरह की सजा का प्रावधान 1241 में शुरू हुआ था।
6. गिलोटिन (Guillotine)Guillotine
सजाः मशीन से कटवाना
देशः फ्रांस
फैक्टः ये सजा 1789 में फ्रांसीसी क्रांति के दौरान शुरू की गई। 1792 में स्वेप्ट पेरिस की तानाशाही के दौरान हजारों लोगों को ये सजा दी गई थी। इस किलिंग मशीन का नामइसके आविष्कारक डॉ. गिलोटिन के नाम पर रखा गया था । कई नामी लोगों को गिलोटिन मशीन से कटवा दिया गया था जिसमे फ़्रांस के राजा लुईस (16) और उनकी पत्नी भी शामिल है।
7. क्रुसिफिक्सन (Crucifixion)Crucifixion
सजाः सूली पर लटकाना
देशः रोम
फैक्टः सजा देने का यह वो क्रूर तरीका है जिससे जीसस को भी सजा दी गई थी। यह ईसाइयत के इतिहास का सजा देने का सबसे क्रूर तरीका माना जाता है। क्योंकि इस सजा में इंसान कई घंटो से लेकर तीन दिनों तक तड़प-तड़प कर मरता है।  71 ईसा पूर्व में रोमन साम्राज्य के खिलाफ आवाज उठाने पर 6000 लोगों को सूली पर लटका दिया गया था। इसी तरह की सजा 2013 साउदी अरब में दी गई थी।
8. पत्थर मारना (Stoning)Stoning
सजाः मारे जाते हैं पत्थर
देशः उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व
फैक्टः मौत देने की यह एक ऐसी क्रूर सजा है जो प्राचीन समय में भी काफी देशो में इस्तेमाल होती थी और वर्तमान समय में भी कई देशों में अपराधियों को यह सजा दी जाती है। विशेषतौर पर उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में। ईरान में पत्थर मारने से पूर्व पुरुष अपराधी को कमर तक तथा महिला अपराधी को सीने तक  गाड़ना जरुरी है। पत्थर मारने की सजा को 2013 में ब्रुनेई के सुल्तान ने भी अपने देश में लागू किया है।
9. इलेक्ट्रीक चेयर (Electric Chair)Electric Chair
सजाः बिजली की कुर्सी
देशः संयुक्त राज्य अमेरिका
फैक्टः ये सजा 1888 में संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू की गई। 1890 में विलियम कैम्लर की हत्या करने के लिए ये सजा दी गई थी। कुर्सी पर बैठने पर 18 सेकंड तक बिजली का झटका दिया जाता है और दूसरा झटका 70 सेकंड का होता है। इस सजा का उपयोग कई अमेरिकी राज्यों में किया गया। 1990 में इस तरह की सजा की बहुत आलोचना हुई।
10. म्यूटीलेशन (Mutilation)Mutilation
सजाः शरीर के अंगों को काटना
देशः इंग्लैंड, नार्थ अमेरिका
फैक्टः अपराधी के शरीर के अंगों को काट दिया जाता है। 17 वीं सदी में इंग्लैंड में नाक, कान, होंठ सजा के तौर पर काट दिए जाते थे। वहीं 1800 में उत्तरी अमेरिका में जानवरों की चोरी पर कान काट दिए जाते थे। इस्लामिक देशों में चोरी पर हाथ काटने का प्रावधान भी है।

Other Similar Post:-

loading...
Filed Under: 18+, Top 10

मंदिरो का जाल





Shiv Temple  (शिव मंदिर)
1 to 10
11 to 20
loading...
21 to 30
Mata Temple  (माता के मंदिर)
1 to 10
11 to 18
Hanuman Temple (हनुमान मंदिर)
Other Temple (अन्य मंदिर)
  1. इस मंदिर में है अदभुत ‘शालिग्राम’, पिछले 200 सालों से बढ़ रहा है आकार
  2. श्रीकृष्ण जी की ये 7 प्रतिमाएं हैं बहुत विशेष, जानिए क्या है कारण?
  3. गंधर्वसेन मंदिर,गंधर्वपुरी- जहां चूहे लगाते हैं इच्छाधारी नाग की परिक्रमा
  4. ये है वो 10 म‌ंद‌िर जिनका पांडवों से है विशेष संबंध
  5. भारत के 10 रहस्यमय मंदिर, कोई नहीं जान पाया अब तक इनके राज
  6. ‘मत्स्य माताजी’- एक अनोखा मंदिर जहां होती है व्हेल मछली की पूजा
  7. सूर्य मंदिर, मुलतान- श्री कृष्ण पुत्र सांबा ने करवाया था निर्माण
  8. बद्रीनाथ धाम- यही वेदव्यास जी ने लिखी थी महाभारत, कहते है इसे धरती का वैकुंठ
  9. सर्प मंदिर, मन्नारशाला – भारत के 7 आश्चर्यों में होती है गिनती, मंदिर परिसर में है 30000 सर्प प्रतिमाएं
  10. नारायण धाम, उज्जैन- यहाँ कृष्ण संग विराजित है सुदामा, दोस्ती को समर्पित है यह मंदिर
  11. ये हैं भारत के 7 प्रसिद्ध, खूबसूरत बौद्ध मंदिर
  12. शनि पर्वत, मुरैना- हनुमान जी ने लंका से फेंका तो यहां गिरे शनिदेव, मौजूद हैं गिरने के निशान
  13. शनि शिंगणापुर- इस गांव में नहीं लगते है कहीं भी ताले, शनिदेव करते हैं रक्षा
  14. भारत के 10 प्रसिद्ध सूर्य मंदिर
  15. पाकिस्तान स्तिथ हिन्दुओं के 20 प्राचीन, पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिर
  16. भारत के 10 सबसे अमीर मंदिर
  17. अद्भुत हैंगिंग लेपाक्षी टेम्पल
  18. अदभुत गणेश प्रतिमा – दंतेवाड़ा में 3000 फ़ीट की ऊँचाई पर स्थापित 10 वि सदी की गणेश प्रतिमा
  19. अष्टविनायक – गणेश जी के आठ अति प्राचीन मंदिर, जहाँ है स्वयंभू गणेश जी
  20. चमत्कारिक कनिपक्कम गणपति मंदिर (आंध्रप्रदेश) – लगातार बढ़ा रहा है मूर्ति का आकार
  21. भारत के प्रमुख तीर्थ – 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योतिर्लिंग, 7 सप्तपुरी और 4 धाम
  22. पहाड़ी मंदिर – रांची – भारत का एक मात्र मंदिर जहाँ राष्ट्रीय पर्वो पर फहराया जाता है तिरंगा
  23. बाबा हरभजन सिंह मंदिर – सिक्किम – इस मृत सैनिक की आत्मा आज भी करती है देश की रक्षा
  24. बुलेट बाबा का मंदिर – जहाँ कि जाती हैं बुलेट बाइक कि पूजा, माँगी जाती हैं सकुशल यात्रा कि मन्नत
  25. महात्मा गांधी जी का मंदिर – उड़ीसा
  26. जानिये भारत में स्तिथ यमराज (धर्मराज) के चार प्राचीन मंदिरों के बारे में
  27. गंधेश्वर शिवलिंग – खुदाई में मिला 2000 साल पुराना शिवलिंग – आती है तुलसी की सुगंध
  28. क्यों है ब्रह्मा जी का पुरे भारत में एक मंदिर ?
  29. लादा महादेव टंगरा – यहां चट्टान पर हाथ फेरने से रिसता है पानी, दिखते हैं सीता-राम के पद-चिन्ह
  30. रहस्यमयी और चमत्कारिक काल भैरव मंदिर – जहां भगवान काल भैरव करते है मदिरा पान
  31. 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga)
  32. 7 धार्मिक स्थल जहाँ महिलाओं के प्रवेश पर है पाबंदी
  33. लोहार्गल – यहां पानी में गल गए थे पांडवों के अस्त्र-शस्त्र, मिली थी परिजनों की हत्या के पाप से मुक्ति
  34. टाइगर टेंपल- थाईलैंड- जहाँ सैकड़ों टाइगर रहते है बौद्ध भिक्षुओं के साथ
  35. मलूटी- झारखंड – इसे कहते है मंदिरों का गाँव और गुप्त काशी
  36. आदि केशव पेरुमल मंदिर – श्री पेरंबदूर – शिवजी के भूत गणों ने किया था इसका निर्माण
  37. भारत के इन 10 मंदिरों में मिलता है अजब गजब प्रसाद
  38. शृंग ऋषि और भगवान राम की बहन ‘शांता’ का मंदिर
  39. आंजन धाम- मान्यता है की यही माँ अंजनी ने दिया था हनुमान को जन्म
  40. कहानी भारत के 5 रहस्यमयी मंदिरों की
  41. भगवान श्रीराम के 10 प्रमुख मंदिर
  42. ये है भारत में वो स्थान जहाँ होती है रावण की पूजा
Tag- Hindi, News, Information, History, Story, Itihas,Temple, Mandir, India, Famous Temple of India, Amazing Temples of India, Bharat ke adbhut mandir, Bharat ke chamtkarik mandir, भारत के अद्भुत मंदिर, भारत के फेमस टेम्पल, इंडिया के चमत्कारिक मंदिर,  कहानी, इतिहास, जानकारी, इनफार्मेशन,
loading...

नयी पोस्ट ईमेल में प्राप्त करने के लिए Sign Up करें.

Comments

Join the Discussion!

Please submit your comment with a real name.
Thanks for your feedback!

Recent Posts


लगातार बढ़ता मूर्ति का आकार



 

Kanipakam Vinayaka Temple History in Hindi : वैसे तो गणपति बप्पा के कई रूप है और देश में अनेकों ऐसे गणेश मंदिर हैं जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। चित्तूर का विघ्नहर्ता कनिपक्कम गणपति मंदिर भी एक ऐसा ही धाम है। यह मंदिर बाकि सब मंदिरों से अपने आप में अनूठा है क्योंकि, एक तो ये विशाल मंदिर नदी के बीचों बीच स्थित है और दूसरा यहाँ स्तिथ गणपति की मूर्ति का आकार लगातार बढ़ रहा है। कहा जाता है यहां आने वाले हर भक्त के पाप को विघ्नहर्ता हर लेते हैं। आस्था और चमत्कार की ढेरों कहानियां खुद में समेटे कनिपक्कम विनायक का ये मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में मौजूद है।
Kanipakam Ganesh Mandir Story in Hindi
मंदिर बनने की कहानी
मंदिर के बनने की कहानी भी बेहद रोचक है कहा जाता है कि तीन भाई थे। उनमें से एक गूंगा, दूसरा बहरा और तीसरा अंधा था। तीनों ने मिलकर अपने जीवन व्यापन के लिए जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा खरीदा। जमीन पर खेती के लिए पानी की जरुरत थी। इसलिए तीनों ने उस कुंए को खोदना शुरू किया जो सूख चुका था। काफी खोदने के बाद पानी निकला।
उसके बाद थोड़ा और खोदने पर एक पत्थर दिखाई दिया। जिसे हटाने पर खून की धारा निकलने लगी। थोड़ी ही देर में पूरे कुंए का पानी लाल हो गया। यह चमत्कार होते ही तीनों भाई जो कि गूंगे, बेहरे या अंधे थे वे एकदम ठीक हो गए। जब ये खबर उस गांव में रहने वाले लोगों तक पहुंची तो वे सभी यह चमत्कार देखने के लिए एकत्रित होने लगे। तभी सभी को वहां प्रकट स्वयं भू गणेशजी की मूर्ति दिखाई दी, जिसे वहीं पानी के बीच ही स्थापित किया गया। इसकी स्थापना 11वीं सदी में चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने की थी। मंदिर का विस्तार 1336 में विजयनगर साम्राज्य में किया गया।
loading...
Kanipakam Vinayaka Temple
ये भी है मान्यता
कहते हैं कि इस मंदिर में मौजूद विनायक की मूर्ति का आकार हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। इस बात से आपको भी हैरानी हो रही होगी, लेकिन यहां के लोगों का मानना है कि प्रतिदिन गणपति की ये मूर्ति अपना आकार बढ़ा रही है।इस बात का प्रमाण उनका पेट और घुटना है, जो बड़ा आकार लेता जा रहा है। कहा जाता है कि विनायक की एक भक्त श्री लक्ष्माम्मा ने उन्हें एक कवच भेंट किया था, लेकिन प्रतिमा का आकार बढऩे की वजह से अब उसे पहनाना मुश्किल हो गया है।
​नदी से जुड़ी भी है एक अनोखी कहानी
विनायक मंदिर जिस नदी में है उससे जुड़ी भी एक अनोखी कहानी है। कहते हैं संखा और लिखिता नाम के दो भाई थे। वो दोनों कनिपक्कम की यात्रा के लिए गए थे। लंबी यात्रा की वजह से दोनों थक गए थे। चलते-चलते लिखिता को जोर की भूख लगी। रास्ते में उसे आम का एक पेड़ दिखा तो वो आम तोडऩे लगा। उसके भाई संखा ने उसे ऐसा करने से बहुत रोका लेकिन वो नहीं माना।
Kanipakam Vinayaka Temple, Chittor, Andhra Pradesh
इसके बाद उसके भाई संखा ने उसकी शिकायत वहां की पंचायत में कर दी, जहां बतौर सजा उसके दोनों हाथ काट लिए गए। कहते हैं लिखिता ने बाद में कनिपक्कम के पास स्थित इसी नदी में अपने हाथ डाले थे, जिसके बाद उसके हाथ फिर से जुड़ गए। तभी से इस नदी का नाम बहुदा रख दिया गया, जिसका मतलब होता है आम आदमी का हाथ। ये इस नदी का महत्व ही है कि कनिपक्कम मंदिर को बाहुदा नदी के नाम से भी जाना जाता है।
धुल जाते हैं सारे पाप
कहा जाता है कि कोई इंसान कितना भी पापी हो यदि वह कनिपक्कम गणेश जी के दर्शन कर ले तो उसके सारे पाप खत्म हो जाते हैं। इस मंदिर में दर्शन से जुड़ा एक नियम है। माना जाता है कि इस नियम का पालन करने पर ही पाप नष्ट होते हैं।
नियम यह है कि जिस भी व्यक्ति को भगवान से अपने पाप कर्मों की क्षमा मांगनी हो। उसे यहां स्थित नदी में स्नान कर ये प्रण लेना होगा कि वह फिर कभी उस तरह का पाप नहीं करेगा, जिसके लिए वह क्षमा मांगने आया है। ऐसा प्रण करने के बाद गणेश जी के दर्शन करने से सारे पाप दूर हो जाते हैं।
Kanipakam Vinayaka Temple, Chittor, Andhra Pradesh
​कैसे पहुंचे
चित्तूर जिला रायलसीमा क्षेत्र आंध्रप्रदेश में स्थित है। चित्तूर जिला तिरूपति, कनिपक्कम मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। हवाई मार्ग से हैदराबाद पहुंचकर वहां से सड़क मार्ग से चित्तूर पहुंचा जा सकता है।
भारत के अन्य मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –   भारत के अदभुत मंदिर
अन्य पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह
भगवान गणेश से सम्बंधित अन्य लेख
Tag- Hindi, News, Information, Story, History, Kahani, Itihas, Pauranik, Prachin, Ancient, Chamtkarik, Kanipakam Ganesh Mandir, Kanipakam Vinayaka Temple, Chittor, Andhra Pradesh
loading...

Related posts:

10 प्रसिद्ध सूर्य मंदिर







भारत के  (10 Famous Sun Temple In India)

10 Famous Sun Temple In India ( History in Hindi)
 1. सूर्य मंदिर, मोढ़ेरा  (Sun Temple, Modhera) :-
Sun Temple, Modhera History in Hindi
सभा मंडप
यह मंदिर अहमदाबाद से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण सम्राट भीमदेव सोलंकी प्रथम ने करवाया था। यहां पर इसके संबंध में एक शिलालेख भी मिलता है। सोलंकी सूर्यवंशी  थे, वे सूर्य को कुलदेवता के रूप में पूजते थे। इसलिए उन्होंने अपने आराध्य देवता की आराधना के लिए एक भव्य सूर्य मंदिर बनाने का निश्चय किया। इस प्रकार मोढ़ेरा के सूर्य मंदिर ने आकार लिया। भारत में तीन सबसे प्राचीन सूर्य मंदिर हैं जिसमें पहला ओडिशा का कोणार्क मंदिर, दूसरा जम्मू में स्थित मार्तंड मंदिर और तीसरा गुजरात के मोढ़ेरा का सूर्य मंदिर।
Sun Temple, Modhera
गर्भ गृह
यह मंदिर उस समय की शिल्पकला का एक अनोखा उदाहरण है। इस विश्व प्रसिद्ध मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरे मंदिर के निर्माण में जुड़ाई के लिए कहीं भी चूने का उपयोग नहीं किया गया है। ईरानी शैली में निर्मित इस मंदिर को भीमदेव ने तीन हिस्सों में बनवाया था। पहला हिस्सा गर्भगृह, दूसरा सभामंडप और तीसरा सूर्य कुण्ड है। मंदिर के गर्भगृह के अंदर की लंबाई 51 फुट 9 इंच तथा चौड़ाई 25 फुट 8 इंच है। मंदिर के सभामंडप में कुल 52 स्तंभ हैं। इन स्तंभों पर बेहतरीन कारीगरी से विभिन्न देवी-देवताओं के चित्रों और रामायण तथा महाभारत के प्रसंगों को उकेरा गया है। इन स्तंभों को नीचे की ओर देखने पर वह अष्टकोणाकार और ऊपर की ओर देखने पर वह गोल दृश्यमान होते हैं। इस मंदिर का निर्माण कुछ इस तरह किया गया था कि जिसमें सूर्योदय होने पर सूर्य की पहली किरण मंदिर के गर्भगृह को रोशन करे। सभामंडप के आगे एक विशाल कुंड स्थित है जिसे लोग सूर्यकुंड या रामकुंड के नाम से जानते हैं। अलाउद्दीन खिलजी ने अपने आक्रमण के दौरान मंदिर को काफी नुकसान पहुुंचाया और मंदिर की मूर्तियों की तोड़-फोड़ की। वर्तमान में भारतीय पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर को अपने संरक्षण में ले लिया है।
Sun Temple, Modhera
सूर्य कुण्ड
कहां है मंदिर- ये मंदिर गुजरात के मोढ़ेरा में स्थित है। मोढ़ेरा मेहसाना से 25 कि.मी. व अहमदाबाद से 102 कि.मी. की दूरी पर है।
कैसे पहुंचे- रेल, सड़क या हवाई मार्ग से देश के किसी भी कोने से अहमदाबाद पहुंचकर। वहां से सड़क मार्ग द्वारा मोढ़ेरा पहुंचा जा सकता है।
2. कोणार्क सूर्य मंदिर (Konark Sun Temple) –
Konark Sun Temple Story in Hindi
कोणार्क सूर्य मंदिर सूर्य देवता को समर्पित है। रथ के आकार में बनाया गया यह मंदिर भारत की मध्यकालीन वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है। इस सूर्य मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव ने 13वीं शताब्दी में करवाया था। मंदिर अपने विशिष्ट आकार और शिल्पकला के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
Konark_Sun_Temple_Front_view
हिन्दू मान्यता के अनुसार सूर्य देवता के रथ में बारह जोड़ी पहिए हैं और रथ को खींचने के लिए उसमें 7 घोड़े जुते हुए हैं। रथ के आकार में बने कोणार्क के इस मंदिर में भी पत्थर के पहिए और घोड़े है। ऐसा शानदार मंदिर विश्व में शायद ही कहीं हो। इसे देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं। यहां की सूर्य प्रतिमा पुरी के जगन्नाथ मंदिर में सुरक्षित रखी गई है और अब यहां कोई भी देव मूर्ति नहीं है।
सूर्य मंदिर समय की गति को भी दर्शाता है, जिसे सूर्य देवता नियंत्रित करते हैं। पूर्व दिशा की ओर जुते हुए मंदिर के 7 घोड़े सप्ताह के सातों दिनों के प्रतीक हैं। 12 जोड़ी पहिए दिन के चौबीस घंटे दर्शाते हैं, वहीं इनमें लगी 8 ताड़ियां दिन के आठों प्रहर की प्रतीक स्वरूप है। कुछ लोगों का मानना है कि 12 जोड़ी पहिए साल के बारह महीनों को दर्शाते हैं। पूरे मंदिर में पत्थरों पर कई विषयों और दृश्यों पर मूर्तियां बनाई गई हैं।
कहां है मंदिर- ओडिशा राज्य मे पुरी के निकट कोणार्क का सूर्य मंदिर स्थित है।
कैसे पहुंचे- रेल, सड़क या वायु मार्ग से पुरी या भुवनेश्वर पहुंचकर आसानी से सड़क या रेल मार्ग से कोणार्क पहुंचा जा सकता है।
3. मार्तंड सूर्य मंदिर (Martand Sun Temple) :-
Martand_-_Sun_Temple_Panorama
इस मंदिर का निर्माण मध्यकालीन युग में 7वीं से 8वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। सूर्य राजवंश के राजा ललितादित्य ने इस मंदिर का निर्माण एक छोटे से शहर अनंतनाग के पास एक पठार के ऊपर किया था। इसकी गणना ललितादित्य के प्रमुख कार्यों में की जाती है। इसमें 84 स्तंभ हैं जो नियमित अंतराल पर रखे गए हैं। मंदिर को बनाने के लिए चूने के पत्थर की चौकोर ईंटों का उपयोग किया गया है, जो उस समय के कलाकारों की कुशलता को दर्शाता है।
Martand Sun Temple
मंदिर की राजसी वास्तुकला इसे अलग बनाती है। बर्फ से ढंके हुए पहाड़ों की पृष्ठभूमि के साथ केंद्र में यह मंदिर करिश्मा ही कहा जाएगा। इस मंदिर से कश्मीर घाटी का मनोरम दृश्य भी देखा जा सकता है। कारकूट वंश के राजा हर्षवर्धन ने ही 200 साल तक सेंट्रल एशिया सहित अरब देशों में राज किया था। पहलगाम का मशहूर शीतल जल वाला चश्मा इसी वंश से संबंधित है।
ऐसी किंवदंती है कि सूर्य की पहली किरण निकलने पर राजा अपनी दिनचर्या की शुरुआत सूर्य मंदिर में पूजा कर चारों दिशाओं में देवताओं का आह्वान करने के बाद करते थे। वर्तमान में खंडहर हो चुके इस मंदिर की ऊंचाई भी अब 20 फुट ही रह गई है। मंदिर में तत्कालीन बर्तन आदि अभी भी मौजूद हैं। कश्मीरियों को चार सौ साल बाद मार्तंड के सूर्य मंदिर की याद फिर से आ गई है। चौदह सौ साल पुराने इस मंदिर में एक बार फिर आहुति डालने की तैयारियाँ चरमोत्कर्ष पर हैं। इतना जरूर है कि यह मंदिर, जो खंडहरों में तब्दील हो चुका है, आज भी सैलानियों को अपनी ओर खींचने की शक्ति रखता है।
कहां है मंदिर- मंदिर जम्मू काश्मीर राज्य के  पहलगाम से निकट अनंतनाग में स्थित है।
कैसे पहुंचे- पहलगाम से अनंतनाग पहुंचकर मार्तंड मंदिर पहुंचा जा सकता है।
4. बेलाउर सूर्य मंदिर (Belaur Surya Mandir) :-
Belaur Surya Mandir
इस मंदिर का निर्माण राजा सूबा ने करवाया था बाद मे बेलाउर गांव में कुल 52 पोखरा (तालाब) का निर्माण कराने वाले राजा सूबा को राजा बावन सूब के नाम से पुकारा जाने लगा। बिहार के भोजपुर जिले के बेलाउर गांव के पश्चिमी एवं दक्षिणी छोर पर अवस्थित वेलाउर सूर्य मंदिर काफी प्राचीन है। राजा द्वारा बनवाए 52 पोखरो मे एक पोखर के मध्य में यह सूर्य मन्दिर स्थित है। यहां छठ महापर्व के दौरान प्रति वर्ष एक लाख से अधिक श्रद्धालु आते है जिनमे उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि सच्चे मन से इस स्थान पर छठ व्रत करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है तथा कई रोग-व्याधियों से भी मुक्ति मिलती है।
5. झालरापाटन सूर्य मंदिर (Jhalrapatan Sun Temple) : –
Jhalrapatan Sun Temple - Hindi History
झालावाड़ का दूसरा जुड़वा शहर झालरापाटन को सिटी ऑफ वेल्स यानी घाटियों का शहर भी कहा जाता है। शहर में मध्य स्थित सूर्य मंदिर झालरापाटन का प्रमुख दर्शनीय स्थल है। वास्तुकला की दृष्टि से भी यह मंदिर अहम है। इसका निर्माण दसवीं शताब्दी में मालवा के परमार वंशीय राजाओं ने करवाया था। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की प्रतिमा विराजमान है। इसे पद्मनाभ मंदिर भी कहा जाता है।
6. मार्तंड मंदिर प्रतिरूप :-
दक्षिण कश्मीर के मार्तण्ड के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के प्रतिरूप का सूर्य मंदिर जम्मू में भी बनाया गया है। मंदिर मुख्यत: तीन हिस्सों में बना है। पहले हिस्से में भगवान सूर्य रथ पर सवार हैं जिसे सात घोड़े खींच रहे हैं। दूसरे हिस्से में दुर्गा गणेश कार्तिकेय पार्वती और शिव की प्रतिमा है और तीसरे हिस्से में यज्ञशाला है। हिन्दू मिथक के अनुसार मार्तण्ड कश्यप ऋषि के तीसरे बेटे का जन्म स्थान है।
7. औंगारी ​सूर्य मंदिर (Aungari Sun Temple) –
नालंदा का प्रसिद्ध सूर्य धाम औंगारी और बडग़ांव के सूर्य मंदिर देश भर में प्रसिद्ध हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां के सूर्य तालाब में स्नान कर मंदिर में पूजा करने से कुष्ठ रोग सहित कई असाध्य व्याधियों से मुक्ति मिलती है। प्रचलित मान्यताओं के कारण यहां छठ व्रत करने बिहार के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि देश भर के श्रद्धालु यहां आते हैं। लोग यहां तम्बू लगा कर सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न करते हैं। कहते है कि भगवान कृष्ण के वंशज साम्ब कुष्ठ रोग से पीड़ित था। इसलिए उसने 12 जगहों पर भव्य सूर्य मन्दिर बनवाए थे और भगवान सूर्य की आराधना की थी। ऐसा कहा जाता है तब साम्ब को कुष्ठ से मुक्ति मिली थी। उन्ही 12 मन्दिरो मे औगारी एक है। अन्य सूर्य मंदिरो मे देवार्क, लोलार्क, पूण्यार्क, कोणार्क, चाणार्क आदि शामिल है।
8. उन्नाव का सूर्य मंदिर (Sun Temple, Unnao) :-
Sun Temple, Unnao in Hindi
उन्नाव के सूर्य मंदिर का नाम बह्यन्य देव मन्दिर है। यह मध्य प्रदेश के उन्नाव में स्थित है। इस मन्दिर में भगवान सूर्य की पत्थर की मूर्ति है, जो एक ईंट से बने चबूतरे पर स्थित है। जिस पर काले धातु की परत चढी हुई है। साथ ही, साथ 21 कलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सूर्य के 21 त्रिभुजाकार प्रतीक मंदिर पर अवलंबित है।
9. रनकपुर सूर्य मंदिर (Ranakpur Surya Temple) :-
Ranakpur Surya Temple Itihas in Hindi
राजस्थान के रणकपुर नामक स्थान में अवस्थित यह सूर्य मंदिर, नागर शैली मे सफेद संगमरमर से बना है। भारतीय वास्तुकला का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता यह सूर्य मंदिर जैनियों के द्वारा बनवाया गया था जो उदयपुर से करीब 98 किलोमीटर दूर स्थित है।
10. सूर्य मंदिर रांची (Sun Temple, Ranchi) :-
Sun Temple, Ranchi History Hindi
रांची से 39 किलोमीटर की दूरी पर रांची टाटा रोड़ पर स्थित यह सूर्य मंदिर बुंडू के समीप है 7 संगमरमर से निर्मित इस मंदिर का निर्माण 18 पहियों और 7 घोड़ों के रथ पर विद्यमान भगवान सूर्य के रूप में किया गया है। 25 जनवरी को हर साल यहां विशेष मेले का आयोजन होता है।
भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –   भारत के अदभुत मंदिर
पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह
Other Similar Posts-